मै क्या तारीफ करू उस माँ की जिसने नौ महीने मुझे अपनी कोख में रख कर पाला है जिसने मुझ्रे हर दर्द में संभाला है|
अब बस इतना ही कहना चाहूँगा मेरी दुनिया में जितनी भी शोहरत है वो मेरी माँ के बदौलत है.
माँ एक ऐसा अनमोल रत्न है जिसके बारे में शब्दों में बयाँ करना बहुत कठिन है|
कहते है की भगवान् हर किसी के साथ नही रह सकते थे इसलिए उन्होंने माँ जेसे अनमोल रत्न को बनाया.
माँ भगवान के समान होती है| कितना भी पूजा पाठ करलो लेकिन
अगर आप अपनी माँ को खुश नही रख सकते तो सब नष्ट है
क्योंकि माँ उस भगवान् का बनाया हुआ वो अनोखा किस्सा है जिसे आज तक कोई नही समझ पाया.
क्योंकि अगर वो डांटती है तो वो मनाती भी ही है क्योंकि अगर वो मारती है तो प्यार भी वही करती है
अजीब होती है माँ लेकिन जिसके नसीब में होती है उसकी जिन्दगी खुशनसीब होती है.
# यादव


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