दल्लीराजहरा। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकास खण्ड डौण्डी सहित दल्लीराजहरा नगर व अंचल में सर्वाधिक रूप में सावन में खासजनों का पसंदीदा फुटू (मशरूम) इन दिनों राजहरा नगर के बाजारों में देखने को मिल रहा हैं और फुटू का सेवन करने वाले उपभोक्ता हाथों हाथ फुटू को खरीद रहे हैं। रजोलीडीह से राजहरा सब्जी बाजार पहुंचे फुटू विक्रेता देवकरण कोठारी, राकेश मंडावी ने बताया कि वे प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष खनिज नगरी राजहरा में फुटू को लेकर पहुंचे हैं और वतर्मान में आवक कम होने की वजह से 50 से 100 रुपये जुरी एवं 500 रुपये किलो बेच रहे हैं। किन्तु आगामी दिनों में सर्वाधिक रूप से पहुंचने पर फुटू मशरूम की कीमत अवश्य रूप से कम होगी। उल्लेखनीय है कि फुटू (मशरूम) आदिवासी बाहुल्य विकास खण्ड डौण्डी के अंचलों में काफी संख्या में उत्पादन होता हैं।
इस वजह से यहां के ग्रामीण फुटू (मशरूम) को अन्य शहरों में ले जाकर विक्रय करते हैं। बरहाल खनिज नगरी राजहरा में फुटू (मशरूम) खरीदने वालों की संख्या अधिक दिख रही हैं। वहीं बोड़ा की भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकास खण्ड डौण्डी में बरसात के मौसम में आने वाली मौसमी सब्जियों का आवक बढ़ गया है। वर्ष में एक ही समय आने वाला बोड़ा इन दिनों डौण्डी सब्जी बाजार पंहुच गया है। ग्रामीणों के अनुसार बोड़ा एक ऐसी स्वादिष्ट सब्जी बनती है जो किसी को बताने पर ही मुंह में पानी आ जाता है। बोड़ा बहुतायत न मिले पर कम मात्रा में भी मिले तो बहुत सारे लोग सब्जी बनाकर खाते है। यह बोड़ा हर जगह नहीं ये केवल साल सरई पेड़ के नीचे या आसपास जमीन पर एक इंच अंदर या उभर कर ऊपर आती है उसका नाम है बोड़ा। अगर बाजार पहुंचा तो खरीदने की कीमत की परवाह नहीं करते उपभोक्ता उपेंद्र साहू ने बताया कि बोड़ा एक ऐसी सब्जी है जो वर्ष में एक बार पहली बारिश में आता है। हम इसे बड़ी चाव से खाते पर इस वर्ष बोड़ा लेने ज्यादा कीमत देना पड़ा है। बोड़ा विक्रेता रमतुला बाई, भुनेश कुमार कुमार ने बताया कि वे बोड़ा बेचने पिछले चार वर्षों से कधो से डौण्डी पहुंच रहे हैं। इस वर्ष दाम अधिक है। पिछले वर्ष 100 रुपये किलो था, जबकि इस बार 300 रुपये किलो में बेचा जा रहा है।
इस वजह से यहां के ग्रामीण फुटू (मशरूम) को अन्य शहरों में ले जाकर विक्रय करते हैं। बरहाल खनिज नगरी राजहरा में फुटू (मशरूम) खरीदने वालों की संख्या अधिक दिख रही हैं। वहीं बोड़ा की भी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र विकास खण्ड डौण्डी में बरसात के मौसम में आने वाली मौसमी सब्जियों का आवक बढ़ गया है। वर्ष में एक ही समय आने वाला बोड़ा इन दिनों डौण्डी सब्जी बाजार पंहुच गया है। ग्रामीणों के अनुसार बोड़ा एक ऐसी स्वादिष्ट सब्जी बनती है जो किसी को बताने पर ही मुंह में पानी आ जाता है। बोड़ा बहुतायत न मिले पर कम मात्रा में भी मिले तो बहुत सारे लोग सब्जी बनाकर खाते है। यह बोड़ा हर जगह नहीं ये केवल साल सरई पेड़ के नीचे या आसपास जमीन पर एक इंच अंदर या उभर कर ऊपर आती है उसका नाम है बोड़ा। अगर बाजार पहुंचा तो खरीदने की कीमत की परवाह नहीं करते उपभोक्ता उपेंद्र साहू ने बताया कि बोड़ा एक ऐसी सब्जी है जो वर्ष में एक बार पहली बारिश में आता है। हम इसे बड़ी चाव से खाते पर इस वर्ष बोड़ा लेने ज्यादा कीमत देना पड़ा है। बोड़ा विक्रेता रमतुला बाई, भुनेश कुमार कुमार ने बताया कि वे बोड़ा बेचने पिछले चार वर्षों से कधो से डौण्डी पहुंच रहे हैं। इस वर्ष दाम अधिक है। पिछले वर्ष 100 रुपये किलो था, जबकि इस बार 300 रुपये किलो में बेचा जा रहा है।


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