विधायक भीमा मंडावी की हत्या में शामिल नक्सली ने सरेंडर किया, एनआईए कर सकती है पूछताछ
दंतेवाड़ा पुलिस के सामने 5 नक्सलियों ने बुधवार को सरेंडर कर दिया। इनमें 3 नक्स्ली इनामी है, जबकि 2 लंबे वक्त से नक्सल संगठन से जुड़े नक्सली है। दंतेवाड़ा की पुलिस ने लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान चला रखा है।
जंगलों में फोर्स के बढ़ते दबाव को देखते हुए नक्सलियों ने हिंसा छोड़ आम जिंदगी बिताने की सोच के तहत सरेंडर कर दिया। इनमें नंदा नाम के नक्सली ने भी सरेंडर किया है। नंदा साल 2019 में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या की घटना में भी शामिल था। इस कांड की जांच कर रही एनआईए की टीम नंदा से इस मामले में पूछताछ कर सकती है।
दंतेवाड़ा के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि अभियान के तहत नक्सलियों का नाम व फ़ोटो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पोस्टर के रूप में लगा रहे हैं। इसमें हम रोजगार के प्रति नक्सलियों को जागरुक कर रहे हैं। समर्पित नक्सलियों में साधू उर्फ भगत 5 लाख का ईनामी, नंदा व आयतु 1 - 1 लाख रुपये का ईनामी हैं। इसके साथ ही हरदेश आसमति, ने भी सरेंडर किया है।
सभी नक्सलियों को 10 - 10 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। समर्पित नक्सली साधु रेवले स्टेशन पर लूटपाट, मारपीट, हत्या, आगजनी, अंधाधुंध फायरिंग जैसे मामलों में शामिल रहा है। इसके साथ ही अन्य नक्सली हत्या, सड़क काटने, आईईडी ब्लास्ट, लूटपाट व ग्रामीणों को संगठन में जोड़ने का काम कर रहे थे।



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