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Whatsapp fingerprint unlock

 क्या आप भी वॉट्सऐप का फ़िंगरप्रिंट अनलॉक यूज़ करते हैं, तो 'सावधान हो जाइए




एक ज़माना था, जब मोबाइल फ़ोन में ख़ूब लम्बे-लम्बे पासवर्ड और पैटर्न लॉक डाला करते थे. फिर आए फ़िंगरप्रिंट सेन्सर और फ़ेस अनलॉक वाले चमत्कार. अब तो याद भी नहीं आता, कब ख़ुद से पिन या पैटर्न डालकर फ़ोन खोला हो. अब तो बहुत सारी ऐप्लिकेशन में भी फ़िंगरप्रिंट लॉक वाला सिस्टम आने लग गया है, और इसकी भी आदत पड़ गई है. मगर ऐप्लिकेशन में फ़िंगरप्रिंट अनलॉक इस्तेमाल करने को लेकर एक साइबर सिक्योरिटी एक्स्पर्ट ने ऐसी बात कह दी है कि दिल मुंह को आ गया है.


‘इंडिया टुडे’ ग्रुप की पत्रकार मनोज्ञा लोईवाल से बात करते हुए इंडियन साइबर सिक्योरिटी सोल्यूशंस के अभिषेक मित्रा ने बताया-

“आप जो भी ऐप्लिकेशन इस्तेमाल करते हैं, उसे अपना कुछ न कुछ डेटा तो देते ही हैं. ये डेटा ऐप के क्लाउड सर्वर पर स्टोर होता है. जब आप ऐप में दिए गए फ़िंगरप्रिंट अनलॉक का इस्तेमाल करते हैं, तो आपका फ़िंगरप्रिंट का डेटा भी इसी सर्वर पर सेव होता है. अब मान लीजिए कि ये हैक हो जाए, तो आपकी जानकारी के साथ-साथ आपका फ़िंगरप्रिंट का डेटा भी लीक हो जाएगा.”


आज लगभग सभी बैंकिंग ऐप्स और पेमेंट ऐप्स फ़िंगरप्रिंट अनलॉक का ऑप्शन देते हैं. इसके साथ ही आप पेमेंट करने के लिए भी फ़िंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर सकते हैं. बैंकिंग और पेमेंट के अलावा वॉट्सऐप जैसी ऐप्लिकेशन भी आपका फ़िंगरप्रिंट लेकर ऐप अनलॉक करती हैं. अभिषेक कहते हैं कि आप थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन को लॉक करने के लिए पिन-विन का इस्तेमाल करिए. वो भी उतना ही सेफ़ होता है.


फ़िंगरप्रिंट चोरी हुआ, तो क्या होगा?


फ़िंगरप्रिंट डेटा के चोरी होने के ख़तरे को समझाते हुए अभिषेक कहते हैं कि इसकी वजह से आपका पूरा फ़ोन हैक हो सकता है. वो बताते हैं-


“हैकर आपका फ़्रंट कैमरा, बैक कैमरा और एसएमएस वग़ैरह सब देख लेगा. टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन का काम आपका OTP ही करता है. अगर हैकर आपका फ़ोन खोलकर आपके मैसेज पढ़ लेगा, तो फिर बाक़ी ऐप्लिकेशन के अकाउंट भी आसानी से खुल जाएंगे. मान लीजिए, मुझे आपकी ईमेल आईडी पता है. अब मुझे बस जाकर ये सेलेक्ट करना होगा कि मैं अपना पासवर्ड भूल गया हूं. फिर तो मैं OTP देखकर आपका ईमेल भी हैक कर लूंगा ना.”


अभिषेक कहते हैं कि ये बड़ी ख़तरनाक चीज़ें हैं. ऊपर से बैंकिंग वाले ऐप हैक हुए, तो और भी बुरा है. अभिषेक ने ऑनलाइन सेफ़्टी के बारे में और भी चीज़ें बताई, जिनमें ख़ासतौर पर अनजान लिंक से बचने को बोला. इन्होंने ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार को एक वेबसाइट खोलकर दिखाई, जहां से इन्होंने अपनी वाइफ़ को एक एसएमएस भेजा. इस एसएमएस में एक लिंक था, जिसे क्लिक करते ही अभिषेक की वाइफ़ के फ़ोन का सारा डेटा इनकी कम्प्यूटर स्क्रीन पर आ गया. इसमें सारे के सारे कॉल रिकॉर्ड, एसएमएस, वॉट्सऐप और फ़ोटो गैलरी, सब दिख गए.


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