बदरंग हो रहे पर्यटन विभाग के 49 होटल-मोटल, 17 को संवारने निकाला टेंडर
रायपुर. छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग अपने 17 होटल-मोटल को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में है। इसके लिए विभाग ने मैनेजमेंट कांट्रेक्ट व सेल्फ मैनेजमेंट कांट्रैक्ट बेस पर टेंडर जारी किया है। प्रदेशभर में अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के ठहरने के लिए करोड़ों की लागत से निर्मित पर्यटन विभाग के करीब 56 होटल-मोटल में से करीब 49 होटल मोटल के भवन कबाड़ की स्थिति में पहुंच गए हैं। विभाग इन होटल-मोटल को ठेकेदारी माध्यम से संवारने की कवायद कर रहा है। फिलहाल इसमें से 12 होटल-मोटल का ठेका मैनेजमेंट कांट्रेक्ट पर और 5 होटल-मोटल का सेल्फ मैनेजमेंट कांट्रैक्ट के तहत किया जा रहा है।
सेल्फ मैनेजमेंट कांट्रैक्ट के तहत ठेकेदारों को होटल-मोटल का रखरखाव व संचालन स्वयं करना होगा। इसमेें विभाग ठेकेदार से मासिक किराया न लेकर इनकम का तय हिस्सा वसूलेगा। वहीं मैनेजमेंट कांट्रेक्ट पर ठेकेदारों से मासिक या वार्षिक किराया लिया जाएगा। प्रदेशभर में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के ठहरने के लिए करोड़ों की लागत से निर्मित पर्यटन विभाग के ज्यादातर होटल-मोटल में ताला बंद है। इससे पर्यटन विभाग को कौड़ीभर की भी आमदनी नहीं हो रही है, ऊपर से मेंटेनेंस पर लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। ऐसे में पर्यटन विभाग ने आखिरकार इन होटल-मोटल को ठेके पर संचालित करने का निर्णय लिया है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विगत 27 जुलाई को चिन्हांकित होटल-मोटल काे ठेके पर देने विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है।


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