मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जन्मदिन पर आज वीडियो कॉन्फ्रेेंसिंग के जरिए स्वीकार की बधाई और शुभकामनाएं
कहीं मना किसान दिवस तो कहीं रोपे गए पौधे, कहीं गीत गाकर तो कहीं केक काटकर मुख्यमंत्री को दी गई जन्मदिन की शुभकामनाएं
विभिन्न जिलों और विकासखण्ड मुख्यालय के जनप्रतिनिधियों से की आॅनलाइन चर्चा: वर्षा, फसल, बाढ़ और बारिश की स्थिति की ली जानकारी
अरपा महोत्सव का आयोजन अब नवगठित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में होगा
जांजगीर-चांपा में मिली यूरिया खाद की कालाबाजारी की शिकायत: मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
अतिवृष्टि से हुए फसल और घरों के नुकसान का प्रभावित लोगों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने जन्मदिन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने शुभचिंतकों और प्रशंसकों से रू-ब-रू होकर उनसे शुभकामनाएं स्वीकार की और सभी लोगों को उनकी शुभेच्छाओं, स्नेह और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद दिया। कोरोना संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल आज अपने निवास कार्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों और विकासखण्ड मुख्यालय में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से वीडियों काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाईन जुड़े और सबका अभिवादन एवं शुभकामनाएं स्वीकार की।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान विभिन्न जिलों में वर्षा की स्थिति और खरीफ फसलों की स्थिति के बारे में जानकारी भी ली। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान जनप्रतिनिधियों ने केक काटकर, गुलदस्ते के साथ मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। सुकमा जिले और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही सहित विभिन्ना जिले के जनप्रतिनिधियों ने केक काटा। मस्तूरी के पूर्व विधायक श्री दिलीप लहरिया ने छत्तीसगढ़ी गीत ’जय हो छत्तीसगढ़ महतारी, तोर हवय चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ गीत गा कर मुख्यमंत्री को बधाई और शुभकामनाएं दी। कोटा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे लोग मुख्यमंत्री श्री बघेल का जन्मदिन किसान दिवस के रूप में मना रहे हैं। मालखरौदा के जनप्रतिनिधियों ने बताया कि आज के दिन मालखरौदा में सात हजार पौधों का रोपण किया गया है। महासमुंद में जनप्रतिनिधियों ने 65 कोरोना वारियर्स को सम्मानित किया। रायपुर पश्चिम विधायक श्री विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर हवन कराया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के जनप्रतिनिधियों से वहां बाढ़ की स्थिति की जानकारी भी ली और उनसे कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्कूल और पंचायत भवनों में सुरक्षित रखने और उनके भोजन की व्यवस्था की जाए। उन्हें आवश्यक होने पर उपचार की सुविधा भी दी जाए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों को चर्चा के दौरान तीजा, गणेश चतुर्थी, नुआखाई पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बस्तर में कोरोना से बहुत बेहतर ढंग से लड़ाई लड़ी गई है। अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है। इससे बचाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना की राशि किसानों और पशुपालकों को दी गई है। इससे कृषि कार्यो में मदद मिलेगी और त्यौहारों के समय खर्च की व्यवस्था भी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्रहकों को वर्ष 2018 के तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन की राशि के रूप में 232 करोड़ रूपए की राशि दी गई है। राज्य सरकार लोगों को अधिक से अधिक आय और रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर चार हजार रूपए की गई। वहीं महुआ की खरीदी 30 रूपए प्रति किलो की दर पर की गई है। काजू की खरीदी भी की जा रही है। प्रसंस्करण के बाद काजू बेचने से होने वाले लाभ की राशि भी संग्रहकों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि डी.एम.एफ. की राशि का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर न सिर्फ बस्तर को अपितु छत्तीसगढ़ को समृद्धि के रास्ते पर ले जाएंगे।



0 Comments