छुट्टी को लेकर ही हुई घाटशिला जेल में हवलदार की हत्या
घाटशिला जेल के बैरक में हवलदार धर्मेंद्र सिंह की हत्या के मामले में जैप 7 के कमांडेंट कार्तिक एस (एसपी हजारीबाग) को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। जांच जैप-7 मुख्यालय हजारीबाग के डीएसपी भरत प्रसाद ने तैयार की है। उसके आधार पर हत्यारोपी सिपाही मनीष कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले घटना के बाद जब मनीष को जेल भेजा गया था, तब विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
छुट्टी को लेकर चल रहा था विवाद
जांच रिपोर्ट में हत्या की वजह छुट्टी बताई गई है। छुट्टी को लेकर ही इनके बीच विवाद था, जो झगड़े की वजह बनी। इसको लेकर शाम से ही उनके बीच विवाद चल रहा था, लेकिन अन्य पुलिसवालों ने हस्तक्षेप कर उन्हें झगड़ने से रोक दिया था। इस रिपोर्ट में घायल सिपाही उपेंद्र सिंह का बयान भी लिया गया है। इसके अलावा उस वक्त बैरक में मौजूद 14 जवानों का भी इसमें जिक्र है।
जांच करने गए थे अधिकारी
10 अगस्त की रात हत्या के बाद 11 अगस्त को जमशेदपुर के सिटी एसपी (प्रभारी ग्रामीण एसपी) सुभाष चंद्र जाट, घाघीडीह के जेल अधीक्षक सह घाटशिला जेल के प्रभारी नागेंद्र प्रसाद सिंह भी जांच के लिए गए थे।
यह थी घटना
10 अगस्त की रात घाटशिला जेल परिसर स्थित जैप 7 के हवलदार धर्मेंद्र कुमार की सिपाही मनीष कुमार ने कुदाल से मारकर हत्या कर दी थी। धर्मेंद्र बिहार के बक्सर के न्यू बस स्टैंड बायपास रोड का निवासी थे, जबकि मनीष लखीसराय का रहने वाला है।



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