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Internet not necessary for study content, app started

स्टडी कंटेंट के लिए इंटरनेट जरूरी नहीं, एप शुरू



जिन बच्चों के पालक नेट के लिए पैसे खर्च करने में हैं अक्षम उनके लिए यह बेहतर विकल्प तैयार


सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले आर्थिक हालात से जूझ रहे पालकों के लिए यह राहत भरी खबर है। पढ़ई तुहर द्वार में अब ऑफलाइन पढ़ाई के लिए टीचिंग मटेरियल मिलेगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने अलग ऐप तैयार किया है। इसी तरह पढ़ाई के लिए अब एंड्रायड मोबाइल होना जरूरी नहीं है। सामान्य मोबाइल से भी पालक अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए टीचिंग मटेरियल ले सकते है। इसके लिए टीचर पालकों के मोबाइल में ब्लूटूथ के माध्यम से टीचिंग मटेरियल लोड करवाएंगे। प्रदेश सरकार ने पढ़ई तुहर द्वार पोर्टल तैयार किया है। 70% पैरेंट्स के मोबाइल में इंटरनेट का इश्यू है।


अब बच्चों का इस तरह डेटा नहीं होगा खर्च

पढ़ई तुहर द्वार पोर्टल में जब भी टीचिंग मटेरियल की जरूरत पड़ती है वहां इंटरनेट के जरिए जाते हैं। उदाहरण के लिए कक्षा दसवीं के छह विषय की टीचिंग मटेरियल छात्र को लेना है तो वह जितनी बार पोर्टल में जाएगा उतनी बार डेटा खर्च होंगे। ऐप में टीचिंग मटेरियल एक बार जाकर अपलोड कर लेगा और उसे अपनी सहुलियत के हिसाब से देखकर पढ़ाई करता रहेगा। इस तरह डेटा एक बार ही खर्च करेगा और बार-बार डेटा खर्च करने की बचत होगी।


श्रमिक और ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने की कोशिश

स्कूल शिक्षा विभाग के सर्वे के मुताबिक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले सभी पालक मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं। ये फोन एंड्रायड भले ही नहीं है लेकिन ग्रामीण और श्रमिक बस्तियों के पालक सामान्य मोबाइल रखे हुए हैं। ये पालक अपने मोबाइल में ब्लूटूथ के माध्यम से गाने लोड करवाएं हुए है और इसे सुनते है। विभाग ने इस तरीके को एडाप्ट करते हुए शिक्षकों के मोबाइल में टीचिंग मटेरियल लोड करवाएगा और शिक्षक अपने मोबाइल से पालकों के मोबाइल में इसे उसी तरह भेज देगा।


हाट-बाजार में भी टीचिंग मटेरियल लोड की सुविधा

स्कूल शिक्षा विभाग ने ब्लू टूथ टीचिंग मटेरियल को हॉट-बाजार में भी सेंटर खोलने की तैयारी में है। जिस एजेंसी से यह अनुबंध किया गया है उनके द्वारा हॉट-बाजार में भी सेंटर खोले जाएंगे। इस सेंटर में कक्षा पहली से लेकर कक्षा बारहवीं तक की शिक्षण सामग्री उपलब्ध रहेगी। प्राइमरी के बच्चों के टीचिंग मटेरियल सहा. शिक्षण सामग्री आधारित बनाई गई है ताकि बच्चे सरल तरीके से सीख सकें। मिडिल, हाई और हायर सेकंडरी के विद्यार्थियों के लिए छोटे-छोटे क्लिप भी एप में मिलेंगे।


15 अगस्त से लांच होगा इन्हें भी जोड़ने की तैयारी

ऑफलाइन ऐप व ब्लू टूथ से पढ़ाई की योजना 15 अगस्त को प्रदेशभर में लांच की जाएगी। इसके साथ ही दो और योजनाएं भी शुरू की जा रही है। जिसमें मुहल्ला पढ़ाई और लाउडस्पीकर क्लासेस शामिल है। मुहल्ला पढ़ाई में बच्चों के जागरूक पालक या गांव के पढ़े लिखे युवाओं की भागीदारी होगी। लाउड स्पीकर क्लासेस में बच्चों काे नैतिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। सांस्कृतिक, खेल गतिविधियां, योग आदि से बच्चे जुड़ेंगे। इसका फायदा बच्चों को मिलेगा। एप को लेकर पूरी तैयारी हो गई है।

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