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ITBP told for the first time - Jawans, who fought all night

 आईटीबीपी ने पहली बार बताया- पूरी रात लड़े जवान, पत्थर फेंकनेवाले चीन सैनिकों को दिया मुंहतोड़ जवाब


चीन के साथ लगते वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पहाड़ी इलाकों में तैनात इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवान गलवान हिंसा के समय रातभर लड़ते रहे और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के पत्थर फेंकने वाले सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया। पूर्वी लद्दाख में चले इस खूनी खेल के बारे में पहली बार आईटीबीपी ने पूरी कहानी बताई।

चीनी सैनिकों के साथ खूनी झड़प और भारतीय जवानों के कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने का कुछ ब्यौरा आईटीबीपी ने पहली बार साझा किया है, जिसमें यह बताया गया है कि कुछ जगहों पर यह संघर्ष करीब 17 से 20 घंटे तक चला।आईटीबीपी ने बताया कि एक तरफ जहां जवानों ने पूरी रात लड़ाई लड़ी और पीएलए के पत्थर फेंकने वाले सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया तो वहीं दूसरी तरफ उनको सबसे कम नुकसान हुआ।


उन्होंने आगे बताया, आईटीबीपी के जवानों न सिर्फ प्रभावी ढंग से अपनी रक्षा के लिए ढाल का इस्तेमाल किया, बल्कि पीएलए के सैनिकों को आक्रामक तरीके से जवाब देकर स्थिति को काबू किया। जवानों ने पेशेवर कौशल और उच्चतम पराक्रम के साथ आईटीबीपी के जवानों ने लड़ाई लड़ी और घायल भारतीय जवानों को नीचे लेकर आए।

पूर्वी लद्दाख में इस साल मई और जून में चीनी सैनिकों के साथ भिड़ंत के वक्त अपने अदम्य साहस दिखाने वाले आईटीबीपी के बहादुर जवानों को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कारों की सिफारिश की गई है। साथ ही, आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल द्वारा 294 कर्मियों को महानिदेशक की तरफ से सराहनीय रोल और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया है।



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