NEET and JEE Mains 2020 : टापर्स ने बताया मॉक टेस्ट और रिवीजन का फंडा
रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। एक सितंबर से जेईई मेंस (ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा होगी। 13 सितंबर को नीट (नेशनल एलिजविलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) की परीक्षा प्रस्तावित है। इसके लिए छात्र-छात्राओं ने मशक्कत तेज कर दी है। टापर रह चुके कुछ छात्रों से उनकी सफलता का राज जाना, जो बेहतर अंक के साथ इन परीक्षाओं को उत्तीर्ण करके रायपुर के इंजीनियरिंग, एनआइटी और मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। टॉपरों ने बताया कि परीक्षा के आखिरी क्षणों में कुछ बिंदु ऐसे हैं, जिनको समझना जरूरी है।
सोशल मीडिया से बनाएं दूरी
रायपुर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रहीं अमृता गुप्ता बताती हैं कि नीट की तैयारी के लिए विद्यार्थी के पास ज्यादा दिन का समय नहीं बचा है। ऐसे में पढ़ने के लिए बजाय रिवीजन पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। और पुराने साल के पेपर का सॉल्व करना बेहद जरूरी होता है। इस बीच सोशल मीडिया में विद्यार्थी को कम से कम समय देना चाहिए। इसके अलावा नीट के लिए ऑनलाइन वीडियो भी देखें।
जल्दबाजी नहीं, प्रश्नों को समझने पर करें फोकस
एनआइटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्र देवांश राठी ने जेईई मेंस और एडवांस क्लीयर कर रखा है। उन्होंने बताया कि जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आप कितने घंटे पढ़ाई कर रहे है, यह मायने नहीं रखता है, बल्कि हर प्रश्न को समझना होता है। आप प्रश्न को कितना समझते हैं, यह अधिक मायने रखता है। अभी तक आप जितना पढ़ लिए हैं, उसे ही दोहराएं। जेईई की तैयारी में आत्मविश्वास अधिक होना चाहिए। परीक्षा नजदीक है तो अब रिवीजन पर अधिक फोकस करना चाहिए।
पांच से छह बार करें मॉक टेस्ट
एनआइटी रायपुर में कंप्यूटर साइंस में पढ़ रहे साहिल सिलारे ने जेईई मेंस बेहतर अंक से उत्तीर्ण किया है। उनका कहना है कि जेईई की तैयारी के लिए अंतिम क्षणों में सबसे ज्यादा मॉक टेस्ट पर फोकस किया। जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सभी विषयों में बराबर समय देना पड़ता है। इसके अलावा टाइम टेबल बनाकर तैयारी करनी होती है। अंतिम क्षणों में सभी विषयों को बराबर समय देकर पढ़ाई करते रहें। हर एक घंटे में ब्रेक ले लेना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि शिक्षकों से मिली गाइड लाइन के तहत तैयारी पर जोर देने की जरूरत होती है।
बार-बार करें अभ्यास
एनआइटी रायपुर में कंप्यूटर साइंस में पढ़ रहे वीरेन खटारी ने बताया कि जेईई की तैयारी के लिए बार-बार अभ्यास करना पड़ता है। मैं स्वयं पांच से छह बार अभ्यास करता था। कोचिंग के अलावा ऑनलाइन से वीडियो लेक्चर से तैयारी पर ज्यादा फोकस किया है। इस दौरान कोई नई किताब न पढ़ें। कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है, जितना पढ़ लिए हैं, उतना ही काफी है। उसी को मजबूत रखें।
ज्यादा किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं
एनआइटी रायपुर में कंप्यूटर साइंस में पढ़ रहीं प्रियांशी शर्मा ने बताया कि जेईई की तैयारी कक्षा 11वीं से शुरू कर दी थी। तैयारी के लिए बहुत ज्यादा किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं होती है। आप जो किताबें पढ़ रहे हैं, उनके हर प्रश्न को समझने की जरूरत होती है। इसके अलावा पुराने साल के पेपर को सॉल्व करना चाहिए।
रायपुर के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहीं प्रेरणा गुप्ता सेकंड ईयर एबीबीएस की छात्रा हैं। उनका कहना है कि नीट की परीक्षा के लिए अभी ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में पुराने पेपर को ज्यादा सॉल्व करना चाहिए। बायोलॉजी पर अधिक फोकस करें, क्योंकि इससे ज्यादा सवाल आते हैं, इसलिए स्कोरिंग बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके अलावा हर विषयों का रिवीजन करें। नीट की परीक्षा के लिए आत्मविश्वास, लगन और मेहनत पर भरोसा करना चाहिए, तभी सफलता मिलती है।



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