अब मर्जी पर निर्भर होगा कि बाहर आवाजाही के लिए ई-पास बनवाएं
जिले से बाहर जाने वाले लोगों के लिए यह राहत बड़ी खबर है। अब ई पास ऑटो जनरेट होने लगा है। लोग यदि प्रदेश से बाहर जा रहे है तो ई पास लेना भी उनकी मर्जी पर डाल दिया गया है। वहीं अब 31 अगस्त तक दुकानें वर्तमान में चल रही अनलॉक वाली तय समय पर ही खोली जाएगी। समय में काेई बदलाव नहीं किया गया है। यानी सब्जी दोपहर 12 बजे तक और किराना सहित अन्य दुकानें सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। मंगलवार से व्यापारिक संगठनों से चर्चा करके सभी दुकानों का समय सुबह 8 बजे से खोलने की तैयारी थी लेकिन अब कोई बदलाव इस महीने के आखिर तक नहीं होना है। जिले के 10 नगरीय निकाय और इससे लगे 17 ग्राम पंचायतों में 7 अगस्त से पूर्ण लॉक डाउन हटाकर अलग अलग समय पर दुकानें खोली जा रही है। व्यापारियों से चर्चा करने के बाद इस नियम को 31 अगस्त तक जारी रखने का कलेक्टर ने निर्णय लिया है। इसके बाद फैसला लिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने अब ई पास को कर दिया स्वैच्छिक, एप्रूवल भी जरूरी नहीं
प्रदेश सरकार द्वारा ई पास को स्वैच्छिक करने का आदेश सोमवार को जिला प्रशासन के पास पहुंच गया है। इस आदेश के बाद दुर्ग जिले से दीगर राज्यों में आने जाने के लिए ई पास लेने की अनिवार्यता खत्म हो गई है। वहीं ऐसे लोगों को ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी देनी बार्डर पर देनी है कि वे कहां से आ रहे हैं। कोई कोरोना संक्रमित है तो उसके नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए कांटेक्ट ट्रेसिंग के तौर पर ई पास का उपयोग किया जा सकता है। अब यह आम लोगों पर निर्भर रहेगा।
व्यापारी संगठनों से चर्चा के बाद दुर्ग कलेक्टर डॉ. भुरे ने बढ़ाई तारीख
सभी दुकानें खोलने के लिए 20 अगस्त काे व्यापारी संगठनों का एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया था। व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों से सोमवार को कलेक्टर ने चर्चा की। कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बड़जात्या, जिलाध्यक्ष प्रहलाद रूंगटा आदि ने कहा कि दुकानें नियमित सुबह 8 बजे से खोली जाएं। इस पर कलेक्टर ने बाजारों का वर्तमान समय को बदलने का कोई फायदा नहीं दिखाई देने की बात कही और इसे 31 अगस्त तक वैसे ही चलने देने कहा है।

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