सेवानिवृत्त नायब सूबेदार युवाओं को फौजी बनने का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे है
कोरबा। दुश्मनों के सामने सीना ताने पहरा दे रहे भारतीय सेना के फौजियों की ढाल का विश्वास ही है, जो आप और हम अपने घरों में चैन की नींद सो पा रहे। देश की सुरक्षा का जिम्मा सर्वोच्च कर्तव्य का दायित्व है, पर चिंतनीय पहलू यह है कि इस गौरवशाली सेवा के लिए युवाओं का रूझान कम है। थलसेना के कुछ सेवानिवृत्त देशभक्त इसी कमी को दूर करने कोशिश में जुटे हैं। वे नवयुवकों को सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और सेना में भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा की तैयारी में उनकों मदद कर रहे हैं।
दिसंबर 2019 में ही सेवानिवृत्त हुए नायब सूबेदार शैलेश कुमार अपने कुछ फौजी साथियों के साथ मिलकर युवाओं में भारतीय सेना में कॅरियर बनाने का जज्बा भरते हैं। वह प्रतिदिन सुबह-शाम सेना भर्ती में चयन के काबिल बनाने युवाओं को प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं। पिछले तीन माह से चल रहे प्रशिक्षण में नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हुए नायक हेमंत कुमार साहू व फरवरी 2020 में सेवानिवृत्त लांस नायक रामकुमार राठौर भी निस्वार्थ मदद कर रहे हैं।
इस प्रशिक्षण में शारीरिक अभ्यास जैसे जमीन पर रेंगते हुए आगे बढ़ना (क्रॉलिंग), 1600 मीटर की दौड़ को 5.20 मिनट में पूरा करने, बैलेंस बनाने, नौ फीट के गड्ढे लांघने व अन्य बारीकियों को सिखाया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को गणित, सामान्य ज्ञान, रिजनिंग की तैयारी भी कराई जाती है।
तीनों प्रशिक्षक दिन का उजाला होने से पहले ही मैदान में पहुंच जाते हैं। करीब 50 युवा उनसे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षक इन युवाओं के साथ मैदान पर पसीना बहाते हैं और उनमें शारीरिक दक्षता और मानसिक रूप से उन्हें मजबूत करने के लिए विधिवत प्रशिक्षण दे रहे हैं।



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