सड़क न होने कारण मां और बच्चे को पालकी में बिठाकर 6 किलोमीटर दूर एंबुलेंस तक पहुंचाया
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बीमार महिला और उसके बीमार बच्चे को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया। यहां एंबुलेंस के लिए दोनों को सड़क तक ले जाने के लिए परिजनों को उन्हें बड़ी टोकरी में डालकर बांस के टुकड़े पर लादना पड़ा। पैदल का ये रास्ता महिला के परिजनों ने 6 किलोमीटर से अधिक तक तय किया।
Chhattisgarh: A woman patient and her newly-born baby were carried on a palanquin for 15-km to reach ambulance due to non-availability of roads in Odagi area of Surajpur district. A villager says, "We demand that the government build a proper road in this area." pic.twitter.com/w70R6noVun
— ANI (@ANI) August 25, 2020
परिजनों के अनुसार घने जंगलों से घिरे गांव तक एंबुलेंस के लिए पहुंचना संभव नहीं था क्योंकि य़े इलाका काफी ऊबड़ खाबड़ है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान, छोटे मार्ग पर नदियां बहती हैं, जिससे वाहनों के लिए मुश्किल होती है। सोमवार को घटना पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कहा कि हमने निर्णय लिया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत जल्द ही क्षेत्र में सड़कों का निर्माण होगा।सूरजपुर राजधानी रायपुर से लगभग 350 किलोमीटर दूर स्थित है।
महिला की पहचान रामदासिया (22) के रूप में हुई है। उसने जिले के ओडगी विकासखंड के बैजनाथ गांव में इस महीने की शुरुआत में एक बच्चे को जन्म दिया था और तब से वह अस्वस्थ था।
सोमवार को उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद हमने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र को सूचित किया और रामदासिया और शिशु को टोकरी में एक बांस से लटका दिया। दो लोग बाँस की छड़ी को दोनों सिरों से पकड़ कर ऊपर पकड़ा। एम्बुलेंस जो खोहिर गाँव में खड़ी थी वहां पहुंचाया।


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